बनमनखी में आस्था के साथ मना हरितालिका तीज, सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत
बनमनखी में आस्था के साथ मना हरितालिका तीज, सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत
बनमनखी पूर्णियां:- बनमनखी अनुमंडल क्षेत्र में सोमवार को हरितालिका तीज व्रत श्रद्धा, निष्ठा और धार्मिक विधि-विधान के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु, सुखी दांपत्य जीवन एवं परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखा और भगवान शिव एवं माता पार्वती की भक्ति भाव से पूजा-अर्चना की,नगर पंचायत जानकीनगर के ज्योतिषाचार्य एवं पंडित जैनेन्द्र कुमार पाण्डेय उर्फ मुन्ना बाबा ने हरितालिका तीज के महत्व और मान्यताओं की जानकारी देते हुए बताया कि विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी और इसी तपस्या के स्वरूप हरितालिका तीज व्रत का विशेष महत्व माना जाता है।उन्होंने बताया कि सुहागिन महिलाएं अपने सुहाग की रक्षा एवं अखंड सौभाग्य के लिए इस व्रत को करती आ रही हैं। वहीं अविवाहित युवतियां एवं कन्याएं भी माता पार्वती की तरह योग्य एवं मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से यह व्रत रखती हैं।ज्योतिषाचार्य पाण्डेय ने कहा कि हरितालिका तीज केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अनुशासन और संकल्प शक्ति का प्रतीक भी है। यह व्रत मन की शुद्धता, अटूट निष्ठा तथा कठिन परिस्थितियों में भी अपने संकल्प पर कायम रहने की प्रेरणा देता है
