उग्रेश्वर महादेव मंदिर की निजी जमीन को सैरातमुक्त कराने को लेकर मंत्री को दिया आवेदन
उग्रेश्वर महादेव मंदिर की निजी जमीन को सैरातमुक्त कराने को लेकर मंत्री को दिया आवेदन
बनमनखी (पूर्णिया):-अनुमंडल के काझी हृदयनगर पंचायत वार्ड 11धीमा ग्राम में स्थित उग्रेश्वर नाथ महादेव मंदिर के निजी जमीन को सरकारी सैरात से मुक्त कराने को लेकर पंचायत वासियों ने हस्ताक्षर युक्त आवेदन बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डा. दिलीप जायसवाल को दिया। ग्रामीणों ने मंत्री से कहा कि उग्रेश्वर नाथ महादेव मंदिर के निजी जमीन को सरकारी सैरात से मुक्त कर दिया जाता है तो मंदिर का विकास हो सकेगा। 
ग्रामीण प्रकाश कुमार, टुनटुन सिंह, मंगल सिंह, निर्मल महतो, विरेंद्र नारायण सिंह, उपमुखिया
ब्रजेश मिश्रा, प्रवीण सिंह पल्लू, राकेश यादव, हरे श्याम सिंह वार्ड सदस्य सुगालाल दास पूर्व सरपंच नंदलाल शर्मा आदि ने दिये गये आवेदन में कहा कि अनुमंडल मुख्यालय से महज 1.5 किमी पर बाबा उग्रेश्वर नाथ महादेव मंदिर स्थित है। हम सभी बाबा उग्रेश्वर नाथ महादेव मंदिर में महाशिवरात्री पर्व को प्रतिवर्ष हर्षोउल्लास से मनाते रहे हैं। बनमनखी प्रशासन के द्वारा वर्ष 1977-78 से बाबा उग्रेश्वर नाथ महादेव के निजी जमीन पर अवैध रूप से सैरात करवाते आ रही है। इस अवैध सैरात को हटानें के लिए स्थानीय लोगों द्वारा पूर्व में आवेदन दिया गया है। ज्ञातव्य रहे इस सैरात के खिलाफ मंदिर कमिटी ने सदर मुंसफ, पूर्णियां में वाद संख्या 13/1995 के द्वारा टाईटल सूट दायर किया था। जिसनें मंदिर की जमीन को सैरात की सूचि से मुक्त किया गया है। अनुमंडल पदाधिकारी बनमनखी के द्वारा 08.02.2010 को मंदिर के निजी जमीन को सैरात से हटानें के सम्बन्ध में एक पत्र निर्गत किया गया था। लेकिन उसके बाद कोई आजतक निर्णय नहीं हो सका है।









